पीएम मोदी का आभार: लड़की की मां ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बड़प्पन दिखाते हुए उनकी बेटी को नया जीवनदान दिया है।
गोद लेने की अपील: मां ने कहा—”जैसे गांवों को गोद ले रहे हैं, वैसे ही मेरी बेटी को गोद लेकर उसका भविष्य संवार दें।”
गलत उम्र का दावा: एफआईआर में दर्ज उम्र को गलत बताते हुए मां ने दावा किया कि बेटी की उम्र 15 साल (नाबालिग) है।
सोशल मीडिया पर सख्ती की मांग: 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम-फेसबुक के इस्तेमाल पर रोक या कड़े नियम बनाने की मांग की।
’पीएम मोदी ने मेरी बेटी को दिया जीवनदान’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नया मोड़ आया है। मामले में नामजद नोएडा की लड़की रुचिका सिंह की मां ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए एक भावुक संदेश जारी किया है।
एक न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस उदारता का परिचय दिया है, उसके लिए पूरा परिवार उनका ऋणी है। उन्होंने कहा:
”आज मेरी बेटी का जन्मदिन है और प्रधानमंत्री मोदी ने उसे सबसे बड़ा उपहार ‘जीवनदान’ के रूप में दिया है। आज मेरी बेटी का नया जन्म हुआ है, इसके लिए मैं हाथ जोड़कर उनका धन्यवाद करती हूं।”
’जैसे गांव गोद लेते हैं, वैसे ही बेटी का भविष्य संवार दें’
अपनी अपील को आगे बढ़ाते हुए नाबालिग की मां ने प्रधानमंत्री से बेटी के मार्गदर्शन की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “जैसे आप गांव-गांव को गोद लेकर देश का विकास कर रहे हैं, वैसे ही मेरी बेटी को भी गोद ले लें और उसका जीवन संवार दें। उसे भी परिवार का प्यार और सही दिशा मिले। हमसे गलती हुई है, हम सार्वजनिक रूप से माफी मांग रहे हैं और बेहद शर्मिंदा हैं।”
एफआईआर वापस लेने और गलत उम्र की बात
लड़की की मां ने पुलिस प्रशासन और सरकार से बेटी के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग की है। उनका दावा है कि एफआईआर में उनकी बेटी की उम्र गलत दर्ज की गई है। उनकी बेटी की उम्र महज 15 वर्ष है और वह अभी नासमझ है। ऐसे में उसके खिलाफ दर्ज कानूनी मामले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए ताकि उसका करियर और भविष्य बर्बाद न हो।
18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगे बैन
बच्ची की मां ने सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव पर भी गहरी चिंता जताई। उनका मानना है कि कम उम्र के बच्चों को राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों की पूरी समझ नहीं होती और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें आसानी से भड़काया या गुमराह किया जा सकता है। उन्होंने मांग की कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी निगरानी या पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए।
पीएम मोदी की अपील और लड़की का माफीनामा
उल्लेखनीय है कि इस पूरे विवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि बच्चों द्वारा की गई गलतियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय उन्हें समझाने और सही रास्ता दिखाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘गुमराह बच्चे’ बताते हुए समाज से उन्हें सही दिशा देने की अपील की थी।
प्रधानमंत्री के इस उदार रुख के कुछ ही घंटों बाद आरोपी लड़की रुचिका सिंह का भी एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक रूप से देश और प्रधानमंत्री से माफी मांगी थी।
“मेरी बेटी को भी गोद ले लें PM मोदी”: जंतर-मंतर पर टिप्पणी करने वाली नाबालिग की मां की भावुक अपील, FIR वापस लेने की मांग

